मित्रों हम सभी मस्तिष्क की अद्भुत क्षमताओं से भलीभांति परिचित हैं । मस्तिष्क के द्वारा ही पूरे शरीर को सन्देश दिया जाता है और संचालित भी किया जाता है ।

इस लेख में मस्तिष्क के कुछ विशिष्ट भागों के विषय मे जानकारी दी है और मानसिक भावनाओं जैसे गुस्सा, तनाव, डर, एकाकीपन, और आदतें इनको कारण सहित समझ कर तनाव से बचकर खुशहाल जीवन जीने के तारीके को बतलाया है ।

हमारा मस्तिष्क दो हिस्सों से बना है जिसे हेमिस्फेरे (hemispehre) कहते हैं और इनसे विभिन्न प्रकार की क्षमतायें संचालित होती हैं ।

प्रीफ्रंटल कोर्टेक्स (prefrontal cortex), अम्यग्दला (amygdala), और इंसुला (insula) ये मस्तिष्क के वो भाग है जिनसे हमारी भावनाओं का कार्यान्वित होना होता है ।

प्रीफ्रंटल कोर्टेक्स ही हमारे लक्ष्य, विचारों, कार्यो, को संचालित करता है । यही नही मेमोरी और हमारे सामाजिक व्यवहार का निरीक्षण भी इसी के द्वारा किया जाता है ।

अम्यग्दला के कार्य डर, क्रोध, और आक्रामकता का संचालन करना है, वरन हमारी भावनात्मक घटनाये और आत्मरक्षा की यादें – मेमोरी भी यही देखरेख करता है।

इंसुला के द्वारा ही हम वर्तमान में जागरूक रहते हैं, फिर वो संगीत को पसंद करना हो या चीज़ों को चखना या स्वाद लेना ।

मस्तिष्क और भी कितने ही ऐसे भागो से बना हुआ है किंतु इस लेख में केवल उनका ही उल्लेख किया है जो सीधा सीधा तनाव और चिंता से क्षतिग्रस्त होते है तथा हम एजिंग, (ageing, tumours, brain hamrage) आदि गम्भीर बीमारियों का शिकार हो जाते है ।

हमारा मष्तिष्क करोड़ो कोषिकाओं का एक संग्रहालय है जो एक दूसरे के साथ मिलकर पूरे शरीर का संचालन करते है । ये कोशिकाएं डोपामाइन हार्मोन (dopamine harmone) के द्वारा ही एक दूसरे को संदेश भेजती है ।

यही नही डोपामाइन हार्मोन से ही खुशियों को, जीत हार को, अच्छी नींद, उपलब्धि, प्रशंसा, स्वभाव को, मूड को संचालित करना इसका काम है ।

तनाव और चिंता से हार्मोनल ग्रोथ की पूरी तरह से क्षति होती है ।

अब बात करते है उन तरीको की जिनसे हम डोपामाइन हार्मोन की प्राकृतिक वृद्धि होती है और मस्तिष्क की कोशिकाओं को भी पोषण मिलता है ।

संभवतः अच्छे आहार व्यहार और स्वस्थ दिनचर्या से तो मस्तिष्क स्वस्थ रहता ही है और जिन तरिकों का उल्लेख किया जा रहा है वह न केवल भावनात्मक रूप से स्वस्थ करते है वरन जीवन को खुशहाल सकारात्मक परिवर्तन करते हैं ।

सबसे पहले आता है Gratitude – आभार प्रकट करना । जो कि न केवल हमारे विचार प्रक्रिया को सकारात्मक करता है वरन डोपामाइन और सेरेटोनिन हार्मोन को भी गतिशीलता प्रदान करता है ।

कई बार हमारे पास ऐसी कोई चीज़, कोई ख़ुशी नही होती जिसके लिय आभारी हो, लेकिन जो भी नजदीकी हमें प्राप्त है उसके लिये ही आभार प्रकट कर सकते है । ऐसा करने से कोशिका तो मजबूत होती है साथ ही हमारे विचार भी सकारात्मक होते है ।

Gratitude के नित्य पोस्ट RAKHI didi हमारे फेसबुक ग्रुप पर करती हैं ।

दूसरा तरिका है यदि हमें नकारात्मक विचारों, भावनाओं (negative thoughts, emotions) ने घेरा हुआ हो तो हमे उनको एक नाम या कोई विशेष सिंबल दे देना चाहिए (label your negative emotions ) जैसे ‘मन दुःखी  feeling bored’ ऐसा करने से मस्तिष्क का ध्यान उस भावना से हट जाता है ।

अगला है निर्णय लेना decision, हमें छोटे से शुरुआत करनी चाहिय जरूरी नही हमेशा धरती पर सबसे बड़ा निर्णय ही लिया जाय (try good enough, rather best ever made on earth) मंजिल पर पहंचने में पहले पायदान से निर्णय शुरू करें। जैसे कुछ लोग वजन घटाने के लिये जाते है पर जल्दी ही हताश हो जाते है । हमें प्रतिदिन लक्ष्य बनाकर पसीना बहाने से शुरुआत करनी चाहिए । बड़े लक्ष्य पहले रखने से मस्तिष्क को बोझ लगने लगता है ।

अधिकतर लोग इसलिये कल से gym जाने का लक्ष्य बनाते है पर वो कल नही आता । जरूरी नही जो काम हमे पसंद हो वो ही चुनें, जो काम चुना हो उसे भी पसंद किया जा सकता है ।

अंत मे एक और तरिके का उल्लेख कर रहा हूं । एक दूसरे को प्रेम से स्पर्श करना, गले लगाना, यह न केवल हमारी भावनाओं को अपितु हमारे सामाजिक कल्याण और विचारधारा को भी सकारात्मक करता है ।

हमारे ‘शरत सर’ ने oxytocin ऑक्सिटोसिन पर पहले ही विस्तृत लेख दिया है ।

हमारे वैज्ञानिक पहले भी बतला चुके है कि एक दूसरे को टच करने से गले लगाने (touch and Hug) से ऑक्सिटोसिन तो रिलीस release होता ही है साथ ही प्रेम और रिश्ते नाते भी दृढ़ होते हैं, जो हमारे मस्तिष्क के लिये अत्यंत आवश्यक है ।

एक एक्सपेरिमेंट के दौरान जब किसी व्यक्ति की तरफ एक बॉल को फेंका गया तो न केवल उसने लपका बल्कि वापस भी फेंका ।

हमारा मस्तिष्क प्राकृतिक रूप से ही रिश्ते नाते और प्रेम समाज के लिए बना है, इसीलिए पेड़ पोधों को जानवरों को छूने से भी हम मानसिक सहज महसूस करते हैं ।

यह लेख कैसा लगा कृपया अपनी टिप्पणियां जरूर दर्ज करियेगा और आईये मिलकर सबके जीवन से तनाव और चिंताओं को सदा के लिये दूर करें।

गोल्डन सनराइज।।

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